बिना दवाई फेफड़ों को साफ करने के 7 घरेलू उपाय, सांस के रोग भी होंगे खत्म

बिना दवाई फेफड़ों को साफ करने के 7 घरेलू उपाय, सांस के रोग भी होंगे खत्म

धूम्रपान और वायु प्रदूषण का फेफड़ों पर सबसे बुरा असर पड़ता है। फेफड़ों में गंदगी जमा होने से श्वसन प्रणाली पर सबसे बुरा असर पड़ता है जिससे अस्थमा, पल्मोनरी डिजीज और सिस्टिक फाइब्रोसिस जैसी गंभीर बीमारियों का खतरा होता है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के अनुसार, हर साल दुनिया भर में वायु प्रदूषण से 4.2 मिलियन मौत होती हैं। किसी व्यक्ति के समग्र स्वास्थ्य के लिए फेफड़ों का स्वस्थ रहना जरूरी है।

फेफड़े स्वयं-सफाई वाले अंग हैं जो प्रदूषकों के संपर्क में नहीं आने से अपने आप ठीक होने लगते हैं। उदाहरण के लिए जब कोई धूम्रपान छोड़ता है, तो उसके फेफड़े भी साफ होने लगते हैं। शरीर के बाकी हिस्सों को स्वस्थ रखने के लिए फेफड़ों का स्वास्थ्य बनाए रखना आवश्यक है। हम आपको कुछ आसान उपाय बता रहे हैं जिनके जरिये आप अपने फेफड़ों को साफ कर सकते हैं और सांस की बीमारियों से बच सकते हैं।

1) हल्दी

हल्दी का इस्तेमाल हजारों सालों से औषधीय रूप में किया जा रहा है। इसमें एंटी बैक्टीरियल और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण इसे एक सुपरफूड बनाते हैं। हल्दी जहां एक ओर खाने का स्वाद और रंग बढ़ा देती है, वहीं इसका उपयोग विभिन्न रोगों के इलाज के लिए किया जाता है। हल्दी में ऐसे तत्व होते हैं जिनसे फेफड़ों को साफ करने में मदद मिलती है।

2) गाजर का रस

फेफड़ों को साफ करने और स्वस्थ रखने के लिए आपको रोना गाजर का जूस पीना चाहिए। आपको बता दें कि गाजर का रस बीटा कैरोटीन का एक अच्छा स्रोत है, एक प्रकार का विटामिन ए, जो सबसे शक्तिशाली एंटीऑक्सिडेंट्स में से एक है। विटामिन ए आंख की सतह की रक्षा में मदद करता है और मजबूत विजन में योगदान देता है।

3) ग्रीन टी

ग्रीन टी में एंटीऑक्सीडेंट हैं, जो दिल के स्वास्थ्य को बढ़ावा देने, विभिन्न कैंसर से बचाने और फेफड़ों से तरल पदार्थ हटाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इसके अलावा इसमें फेफड़ों की लाइनिंग से बलगम को ढीला करने की क्षमता होती है। यह नेचर में एंटीमाइक्रोबायल होती हैं।

4) लहसुन

इसमें एलिसिन नामक एक यौगिक होता है, जो एक शक्तिशाली एंटीबायोटिक एजेंट के रूप में कार्य करता है और हमारे फेफड़ों को छिपाने वाले श्वसन संक्रमण से निपटने में मदद करता है। यह सूजन को कम करने, अस्थमा में सुधार करने और फेफड़ों के कैंसर के खतरे को कम करने में भी मदद करता है।

5) क्रैनबेरी के रस

बिस्तर पर जाने से पहले, फेफड़ों में संक्रमण के कारण बैक्टीरिया से लड़ने के लिए अनानास या क्रैनबेरी के रस का 400 मिलीलीटर पियें। इन पेय पदार्थों में एंटीऑक्सीडेंट आपके श्वसन तंत्र के लिए बहुत उपयोगी होता है, क्योंकि वे आपके फेफड़ों को साफ कर सकता है।

6) अदरक

अदरक में एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं जो श्वसन पथ से विषाक्त पदार्थों को हटाने में मदद करता है। इसमें पोटेशियम, मैग्नीशियम, बीटा कैरोटीन और जिंक सहित कई विटामिन और खनिज शामिल हैं। अदरक के कुछ तत्व फेफड़ों के कैंसर कोशिकाओं को मारने के लिए भी जाना जाता है। आप अदरक चाय के रूप में इसका सेवन कर सकते हैं।

7) पुदीना

पुदीना न केवल आपके सांस को बेहतर बनाने का काम करता है बल्कि इसमें स्वास्थ्य लाभ भी हैं, जो आपके पेट, छाती और सिर के लिए अच्छे हैं। फेफड़ों में संक्रमण के कारण बैक्टीरिया से लड़ने के लिए रोजाना 3-5 पत्तियां चबा लें।

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