घुटनों के बल चलकर रास्ते पर जा रहा था 65 साल का वृद्ध, जब सच्चाई सामने आई तो हैरान रह गए सब…

घुटनों के बल चलकर रास्ते पर जा रहा था 65 साल का वृद्ध, जब सच्चाई सामने आई तो हैरान रह गए सब…

चिलचिलाती धूप में 200 किमी का सफर पैदल तय करने की सोच भी शरीर को पसीने से तरबतर कर देती है, लेकिन जब हौसले बुलंद हो और मन में दृढ़ इच्छा शक्ति के साथ आस्था का जुनून हो तो कोई भी डगर मुश्किल नहीं लगती है। ऐसा ही कुछ कर दिखाया है बाड़मेर के बालोतरा स्थित असाड़ा गांव निवासी 65 वर्षीय वृद्ध सखाराम ने, जिन्होंने 200 किमी का सफर 40 दिन में पूरा किया है, वह भी पैदल व कनक दण्डवत करने की बजाय घुटनों के बल चलकर।

65 वर्षीय वृद्ध सखाराम

गौरतलब है कि 65 वर्षीय सखाराम 40 दिन पूर्व घुटनों के बल चलते हुए अपने गांव से रवाना हुए थे। शुक्रवार को उन्होंने अपनी यात्रा पूरी की तथा शनिवार को वे समाधि स्थल खुलने पर बाबा रामदेव की समाधि के दर्शन करेंगे। सखाराम ने बताया कि 12 वर्ष पूर्व उन्होंने बाबा रामदेव से मन्नत मांगी थी। मन्नत पूर्ण होने पर 12 बार पैदल व कनक दण्डवत कर यहां आने और समाधि के दर्शन करने की कामना की थी।

40 दिनों तक रखा उपवास

सखाराम ने जब यात्रा शुरू की तो उन्होंने उपवास शुरू किया। 40 दिनों तक उन्होंने कुछ भी नहीं खाया। मात्र बाबा के जयकारे लगाते हुए वे अपनी मंजिल की तरफ बढ़ते गए।

11वीं बार पहुंचे रामदेवरा

पूर्व में कनक दण्डवत व पैदल यात्रा कर 10 बार रामदेवरा आ चुके है। इस बार उन्होंने पैदल व कनक दण्डवत यात्रा करने की बजाय घुटनों के बल यात्रा करने का निर्णय लिया। इसी के अंतर्गत वे 40 दिन पूर्व घुटनों के बल चलते हुए अपने गांव से रवाना हुए थे। रास्ते में कई मुश्किलें आई।

[ डि‍सक्‍लेमर: यह न्‍यूज वेबसाइट से म‍िली जानकार‍ियों के आधार पर बनाई गई है. Air News अपनी तरफ से इसकी पुष्‍ट‍ि नहीं करता है. ]

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