बड़ी दिलचस्प है संगीतकार खय्याम की कहानी, लोग मानते थे बदकिस्मत

बड़ी दिलचस्प है संगीतकार खय्याम की कहानी, लोग मानते थे बदकिस्मत

बॉलीवुड के दिग्गज संगीतकार खय्याम का 92 वर्ष की आयु में निधन हो गया है. खय्याम लंबे वक्त से बीमार चल रहे थे और मुंबई के एक अस्पताल में उनका इलाज चल रहा था. सोमवार शाम से ही खय्याम की हालत नाजुक बताई जा रही थी.

मंगलवार को खय्याम को अंतिम विदाई दी गई. इस मौके पर खय्याम के परिवार का दर्द बांटने के लिए दिग्गज सिंगर सोनू निगम समेत सिने जगत के कई कलाकार पहुंचे. बॉलीवुड के दिग्गज कलाकारों ने उनके निधन पर शोक व्यक्त किया है.

बता दे की खय्याम का पूरा नाम मोहम्मद जहूर खय्याम हाशमी था. लेकिन संगीत की दुनिया में उन्हें खय्याम के नाम से प्रसिद्धी मिली.

खय्याम ने पहली बार फिल्म हीर रांझा में संगीत दिया लेकिन उन्हें पहचान मिली मोहम्मद रफी के गाने ‘अकेले में वह घबराते तो होंगे’ से. फिल्म शोला और शबनम ने उन्हें संगीतकार के रूप में बॉलीवुड फिल्म इंडस्ट्री में स्थापित कर दिया.

संगीत की दुनिया में खय्याम ने जो उपलब्धियां हासिल की वाकई काबिले तारीफ है. बताया जाता है कि खय्याम अपने बचपन में चोरी-छिपे फिल्में देखा करते थे. क्योंकि उस जमाने में फिल्में देखना अच्छी आदत नहीं मानी जाती थी. बताया जाता है कि उनके फिल्में देखने की आदत की वजह से उनके घर वालों ने उन्हें घर से निकाल दिया था.

संगीतकार खय्याम काफी लोकप्रिय थे. लेकिन कुछ मामलों में वह बदकिस्मत भी रहे. इतनी लोकप्रिय धुनें बनाने के बाद भी उनका संगीत कभी सिल्वर जुबली नहीं कर पाया था. उन्होंने अपने एक इंटरव्यू में बताया, “यश चोपड़ा अपनी एक फ़िल्म का म्यूज़िक मुझसे करवाना चाहते थे.

लेकिन सभी उन्हें मेरे साथ काम करने के लिए मना कर रहे थे. उन्होंने मुझे कहा भी था कि इंडस्ट्री में कई लोग कहते हैं कि खय्याम बहुत बदकिस्मत आदमी हैं और उनका म्यूज़िक हिट तो होता है लेकिन जुबली नहीं करता.”

[ डि‍सक्‍लेमर: यह न्‍यूज वेबसाइट से म‍िली जानकार‍ियों के आधार पर बनाई गई है. Air News अपनी तरफ से इसकी पुष्‍ट‍ि नहीं करता है. ]

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