पिता को कैंसर था, घर पर संसाधनों की कमी, मगर हारी नहीं, दूसरे प्रयास में IAS बनीं

पिता को कैंसर था, घर पर संसाधनों की कमी, मगर हारी नहीं, दूसरे प्रयास में IAS बनीं

कुछ कहानियां दिल छू लेने वाली होती हैं. पंजाब के मोगा की रहने वाली रितिका की कहानी कुछ ऐसी ही हैं. तमाम बाधाओं को पार करते हुए उन्होंने जिस तरह से 22 साल की उम्र में यूपीएससी की परीक्षा पास कर आईएएस बनने का अपना सपना पूरा किया वो प्रेरणादायक है. रितिका ने पंजाब के आम परिवार में जन्म लिया.

उनकी शुरूआती पढ़ाई उनके अपने शहर मोगा में ही हुई. 10वीं और 12वीं पास करने के बाद उन्होंने दिल्ली का रुख किया और यहां के श्रीराम कॉलेज ऑफ कॉमर्स में दाखिला लेने में सफल रहीं. जानकारी के मुताबिक ग्रेजुएशन के पढ़ाई के दौरान ही उन्होंने खुद को आईएएस के लिए तैयार करना शुरू कर दिया.

रितिका की पढ़ाई एकदम ट्रैक पर थी. इसी बीच उनके पिता टंग कैंसर का शिकार हो गए. यह रितिका के लिए कठिन समय था. कुछ वक्त के लिए उनकी पढ़ाई भी प्रभावित हुई. हालांकि, उन्होंने हार नहीं मानी और आगे बढ़ीं. अंतत: अपने दूसरे प्रयास में वो साल 2018 में यूपीएससी सिविल सर्विसेस परीक्षा पास करने में सफल रहीं.

रितिका जिंदल ने 88 रैंक प्राप्त कर अपने परिवार और जिले दोनों का नाम रौशन किया था.

[ डि‍सक्‍लेमर: यह न्‍यूज वेबसाइट से म‍िली जानकार‍ियों के आधार पर बनाई गई है. Air News अपनी तरफ से इसकी पुष्‍ट‍ि नहीं करता है. ]

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