बेरोजगार बेटे की बेबसी! माँ के अंतिम संस्कार के लिए नहीं थे पैसे, तो मजबूर बेटे ने कर ली खुदकुशी

बेरोजगार बेटे की बेबसी! माँ के अंतिम संस्कार के लिए नहीं थे पैसे, तो मजबूर बेटे ने कर ली खुदकुशी

झारखंड से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। यहां एक बेटा अपनी मृत मां के अंतिम संस्कार के लिए तत्काल पैसे नहीं जुटा सका तो उसने फांसी लगाकर जान दे दी। मृतक की पहचान किशन चौधरी के तौर पर हुई है। कुछ घंटे के भीतर एक ही घर से मां- बेटे की एक साथ अर्थी निकली तो लोगों की आंखों में आंसू छलक आए। पूरे गांव में मातम छा गया।

किशन की मां पिछले तीन साल से लकवाग्रस्त होने के कारण काफी बीमार रहती थी। शुक्रवार को अचानक तबीयत बिगड़ने के बाद उसकी मौत हो गई।

बेरोजगार बेटे की बेबसी!

मिली जानकारी के मुताबिक, जिले के जसीडीह थाना क्षेत्र के चरकी पहाड़ी गांव में 35 वर्षीय किशन चौधरी नामक एक व्यक्ति मजदूरी कर अपने परिवार का भरण-पोषण करता था। किशन की मां पिछले तीन साल से लकवाग्रस्त होने के कारण काफी बीमार रहती थी। शुक्रवार को अचानक तबीयत बिगड़ने के बाद उसकी मौत हो गई।

परिवार के सभी सदस्य एक शादी समारोह में शामिल होने गांव से बाहर सारठ के सरपत्ता गांव गए हुए थे। घर पर किशन चौधरी और उसका परिवार ही मौजूद था। घटना की जानकारी परिजनों को मिलने के बाद देर शाम तक घर के सभी सदस्य गांव पहुंच गये।

रात में जब सब लोग सो गए तो किशन एक कमरे में चला गया और अंदर से दरवाजा बंद कर लिया। सुबह जब लोगों ने महिला के अंतिम संस्कार के लिए किशन को आवाज दी तो अंदर से कोई जवाब नहीं मिला।

इस पर परिजनों को शक हुआ तो वह छत पर पहुंचे और कमरे में झांक कर देखा तो लकड़ी की बल्ली पर फंदा लटकाकर उसने आत्महत्या कर ली थी। इसके बाद घर में कोहराम मच गया।

बड़े भाई के पहुंचने से पहले ही कर ली खुदकुशी!

ग्रामीणों के मुताबिक, मां की मौत के बाद अंतिम संस्कार के लिए उसने अपने आसपास के लोगों से पैसे की मदद मांगी, लेकिन गांव के लोगों ने हाथ खड़े कर दिए। परिजनों ने बताया कि मृत युवक दिहाड़ी मजदूरी का काम करता था।

लॉकडाउन के कारण उसे प्रतिदिन मजदूरी का काम भी नहीं मिल पाने के कारण परिवार चलाने में भी कठिनाई हो रही थी। वह अपनी मां के वृद्धा पेंशन और सरकारी राशन पर निर्भर रह रहा था।

हालांकि किशन ने मां की मौत होने के संबंध में दूसरी जगह रहने वाले अपने बड़े भाई को भी सूचना दे दी थी। बड़े भाई मनोहर चौधरी ने भरोसा दिया था कि किसी प्रकार की समस्या नहीं होने देंगे, परंतु उनकी भी आर्थिक स्थिति बहुत अच्छी नहीं थी।

अंतत: किशन ने यह कदम उठा लिया। मृत युवक विवाहित था और उसके दो बेटे व एक बेटी भी है। घटना की सूचना मिलते ही जसीडीह पुलिस ने शनिवार को घटनास्थल पर मामले के संबंध में छानबीन पूछताछ के बाद शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए देवघर सदर अस्पताल भेज दिया।

उधर क्षेत्र में मां और बेटे की हुई मौत से गांव में मातम छाया हुआ है। परिवार से एक साथ मां-बेटे का शव निकलने से आसपास के क्षेत्र में सन्नाटा पसर गया है।

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