7 साल के बच्चे को सलाम कर रहा है पूरा देश, वजह हैरान कर देगी आपको भी, चौंक जायेंगे…

7 साल के बच्चे को सलाम कर रहा है पूरा देश, वजह हैरान कर देगी आपको भी, चौंक जायेंगे…

जब बच्चा अपनी मां के गर्भ में होता है, तभी उसे एक मां अपने बच्चे से प्रेम करने लगती है। मां अपने बच्चों की सारी दुख परेशानियां अपने ऊपर झेल लेती है परंतु अपने बच्चों को किसी भी प्रकार की परेशानी नहीं होने देती है। मां हमेशा ही पूरी दुनिया में अपने बच्चों को सबसे अधिक प्यार करती है। वहीं बच्चे भी अपनी मां के बेहद करीब होते हैं और वह भी अपनी मां को किसी भी मुसीबत में नहीं देख सकते हैं।

जैसा कि हम सभी लोग जानते हैं समय के साथ-साथ बहुत कुछ बदल चुका है। आजकल के आधुनिक युग में छोटे छोटे बच्चे काफी समझदार हो गए हैं। छोटे-छोटे बच्चे भी आजकल मोबाइल चलाते हैं लेकिन बच्चों को इमरजेंसी सेवाओं की जानकारी देना कितना फायदेमंद हो सकता है, इसका एक बहुत ही अच्छा उदाहरण सामने आया है।

दरअसल, सूरत में एक ऐसा मामला देखने को मिला है, जहां पर 7 साल के बच्चे की समझदारी की वजह से मां को जीवनदान प्राप्त हो गया। ऐसा बताया जा रहा है कि हार्ट अटैक की वजह से इस 7 साल के मासूम बच्चे की मां बेहोश हो गई थी। ऐसी स्थिति में अपनी मां को देखकर बच्चे ने तुरंत मोबाइल उठाया और 108 पर फोन करके एंबुलेंस को इस बारे में सूचना दी।

सूचना मिलते ही 5 मिनट में एंबुलेंस पहुंच गई और महिला को सिविल अस्पताल पहुंचाया गया। लिहाजा तुरंत इलाज मिलने की वजह से मां की जिंदगी बच गई।

देर हो जाती तो महिला की जान को हो सकता था खतरा

जब 7 साल के बच्चे ने देखा कि उसकी मां को हार्ट अटैक आ गया है तो ऐसी स्थिति में उसने तुरंत ही सक्रियता दिखाई, जिसे देखने के बाद डॉक्टर भी आश्चर्यचकित रह गए हैं। डॉक्टरों का ऐसा कहना है कि इतनी छोटी उम्र में इस तरह की जानकारी होना बहुत बड़ी बात है। डॉक्टरों ने ऐसा कहा कि अगर एक घंटा लेट हो जाता तो शायद महिला की जान बचा पाना बहुत ही मुश्किल हो जाता।

आखिर अपने बच्चों को मोबाइल के बारे में किस प्रकार की जानकारी देनी है, इस बच्चे से सीख सकते हैं। ऐसा बताया जा रहा है कि अभी महिला की हालत ठीक है। फ़िलहाल उसका इलाज चल रहा है।

महिला को होश आया तो खुद को अस्पताल में पाया

आपको बता दें कि 40 वर्षीय मंजू पांडे उत्तर प्रदेश के अयोध्या की रहने वाली हैं। वह उधना के संजय नगर में अपने पति और बेटे के साथ रहती हैं। बुधवार दोपहर की बात है, जब उन्हें उल्टी शुरू हुई तो उनके हाथ पैर कांपने लगे गए थे और वह बेहोश हो गई थीं। ऐसी स्थिति में 7 साल के उनके बेटे राहुल ने तुरंत 108 पर कॉल किया और एंबुलेंस बुला ली।

राहुल का ऐसा कहना है कि एक बार मेरी बहन ने बताया था कि किसी की तबीयत खराब हो तो 108 नंबर पर फोन करने से एंबुलेंस आ जाती है। वहीं बीमार मंजू का ऐसा बताना है कि उनको पथरी की समस्या है। वह सूरत में इलाज के लिए आई हुई हैं। मंजू का ऐसा बताना है कि वह बेहोश हो गई थीं, तो जब उनको होश आया तो उन्होंने खुद को अस्पताल में पाया।

डॉक्टर बोले- बच्चों को ऐसी ही दें सीख

आपको बता दें कि सिविल में ऑन ड्यूटी मेडिकल ऑफिसर डॉ. प्रियंका का ऐसा कहना है कि बच्चा बहुत होशियार है। उन्होंने बताया कि आमतौर पर ऐसे बच्चे मोबाइल पर ज्यादातर गेम खेलना पसंद करते हैं या फिर दिन भर कार्टून देखने में ही लगे रहते हैं। उन्होंने मोबाइल का सही इस्तेमाल करना इस बच्चे से सीखने की बात कही है। राहुल ने तुरंत ही फोन कर एंबुलेंस बुला ली, जिससे उसने अपनी मां की जिंदगी बचा ली है।

[ डि‍सक्‍लेमर: यह न्‍यूज वेबसाइट से म‍िली जानकार‍ियों के आधार पर बनाई गई है. Air News अपनी तरफ से इसकी पुष्‍ट‍ि नहीं करता है. ]

Dhara Patel

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