सुनिए 3 करोड़ के टर्नओवर वाले “MBA चायवाला” की दिलचस्प कहानी जो है MBA फेल!!

सुनिए 3 करोड़ के टर्नओवर वाले “MBA चायवाला” की दिलचस्प कहानी जो है MBA फेल!!

आजकल की पीढ़ी में असफलता बर्दाश्त करने की हिम्मत नहीं होती ।असफल होने के पश्चात वे निराश हो जाते हैं या दुखी हो जाते हैं या कोई गलत कदम उठाने को मजबूर हो जाते हैं। परंतु वे यह भूल जाते हैं कि असफलता ही सफलता की पहली सीढ़ी है ।प्रफुल्ल भी हम में से ऐसा ही एक युवा है। एमबी में फेल होने के बावजूद भी निराश नहीं हुए ना ही उनकी असफलता ने उन्हें आगे बढ़ने से रोका। आइए जानते हैं उनकी कहानी।

प्रफुल्ल अहमदाबाद के रहने वाले 22 वर्ष के एक युवा है ।उनका सपना एमबीए करने का था परंतु बहुत कोशिश और मेहनत के बावजूद उनको एमबीए के एंट्रेंस में सफलता नहीं मिली ।वह इससे हताश नहीं हुए।इसके बाद प्रफुल्ल मैकडॉनल्ड मे काम करने लगे परंतु यहां भी उन्होंने ज्यादा समय तक काम नहीं किया।

वह अपना कुछ व्यवसाय करना चाह रहे थे ।उन्होंने अपने माता पिता से ₹8000 यह कहकर मांगे कि एक एमबीए कॉलेज में एडमिशन लेना चाहते हैं ।परंतु उस ₹8000 से उन्होंने एक चाय का स्टाल खोला जिसका नाम उन्होंने एमबीए चायवाला रखा।

जब प्रफुल्ल ने यह चाय का स्टाल खोला तो प्रतिदिन की कमाई बहुत कम होती थी। इससे उन्हें यह सुझाव आया कि वह लोगों के पास जाकर भी चाय बेच सकते हैं ।उसके बाद से वह लोगों के पास जाकर उनसे अंग्रेजी में बात करते और अपनी चाय का स्वाद लेने को कहते ।लोगों को उनमें बड़ी दिलचस्पी आने लगी। उनकी कहानी जानने की लोगों के मन में इच्छा होने लगी । लोग सोचते कि अंग्रेजी बोलने वाला लड़का एक चाय वाला कैसे हो सकता है ।इसके पीछे जरूर कोई कहानी होगी।

शुरुआत में उनकी कमाई ₹100 हुआ करते थे परंतु धीरे-धीरे उनके प्रति दिन की कमाई बढ़कर ₹5000 हो गई ।लोग उनके पास आते चाय खरीदते उनकी कहानी जानते। धीरे-धीरे उन्होंने अपनी चाय की स्टाल से लोगों को नौकरियां दिलानी शुरू करदी। शादी करवानी शुरू कर दी । लोग आते और अपनी नौकरी का प्रस्ताव एक बोर्ड पर लिख जाते। जिन लोगों को उनकी जरूरत होती है वहीं से उनका प्रस्ताव स्वीकार कर लेते ।इसी तरह लोगों की मदद करने लगे ।

धीरे-धीरे लोग उनके पास अपने इवेंट के फंडिंग के लिए आते । अपने इवेंट्स कराने के लिए उनके चाय स्टाल पर आते ।प्रफुल्ल भी उनकी मदद किया करते। ऐसे करते-करते प्रफुल्ल ने अपना टर्नओवर तीन करोड़ तक का कर लिया था।

जिस कॉलेज से प्रफुल्ल का एमबीए करने का सपना था उसी कॉलेज ने उन्हें वहां छात्रों को संबोधित करने के लिए बुलाया । यह प्रफुल्ल के लिए गर्व की बात है ।कई लोगों ने उन्हें रोकने की कोशिश की कई लोगों ने उनका मजाक उडाया परंतु उन्होंने साबित कर दिया जब इंसान ठान ले तो वह कुछ भी कर सकता है।

दो साल पहले प्रफुल्ल ने वेलेंटाइन डे पर अहमदाबाद में सभी single लड़कों को मुफ्त चाय मुफ्त में बांटा था!

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