जाने गर्भ में बेटा पल रहा है या बेटी? बिना 1 रूपए खर्च करे पता लगा सकते हैं

जाने गर्भ में बेटा पल रहा है या बेटी? बिना 1 रूपए खर्च करे पता लगा सकते हैं

यहां आप बिना पैसे खर्च किये पता कर सकते है, की गर्भ में पल रहा बच्चा लड़का है या लड़की? जब कोई महिला गर्भवती होती है तो सबसे पहले उसके मन में यही जिज्ञासा होती है, की मेरे गर्भ में पल रहा बच्चा लड़का है या लड़की? य पल सभी के लिए ख़ुशी से भरा होता है, जब तक गरब में बच्चा रहता है, सभी के मन में यही रहता है की लड़का होगा या लड़की वैसे आज के समय में इस बात से कोई फर्क नहीं पड़ता है, की लडक होगा या लड़की। हमारे देश में गर्भ में पल रहे नवजात का लिंग परीक्षण करवाना या करना पूरी तरह से गैरकानूनी है। यदि आप ऐसा करते हैं तो आपको इसके लिए सजा हो सकती है।

आमतौर पर लोग बच्चे के लिंग का पता मेडिकल प्रक्रिया से पता करते है, गर्भवती स्त्री को लड़का होगा या लड़की इसे लेकर कई मान्यताएं भी हैं। जो इस बात को बताती है की आपके गर्भ में क्या है। आज हम आपको झारखंड की एक अनोखी मान्यता के बारे में बताने जा रहे हैं। जहा पर एक साथ है, वहां पर आप बिना पैसे खर्च किये यह जान सकते है।

जाने गर्भ में बेटा पल रहा है लड़का है या लड़की

झारखंड (Jharkhand) के लोहरदगा में स्थित खुखरा गांव में एक पहाड़ी है, जहा की मान्यता है की यह पहाड़ी आपको बता देती है, है की गर्भ में पल रहे बच्चे का लिंग क्या है। वह लड़की है या लड़का। इस पहाड़ी पर चांद के आकार की एक आकृति बनी हुई है। ऐसा माना जाता है, की गर्भवती महिला एक निश्चित दूरी से इस चांद के ऊपर पत्थर मारती है, जिसके द्वारा गर्भ में पल रहे बच्चे का लिंग जान सकती है। इसमें जानने का तरीका यह होता है की यदि मारा गया पत्थर इस चांद की आकृति के बीच से होकर जाता है, तो लड़का होता है। और अगर चाँद पर मारा गया पत्थर वहीं उसकी आकृति के बहार से निकलता है तो गर्भ में लड़की का होना माना जाता है।

इस गांव की यह यह परंम्परा 400 साल पुरानी है, जो नागवंशी राजाओं के शासन काल से चली आ रही है। यहां पर कई लोग इस बात को मानते है और यहां आकर पता करने की कोशिश करते है की उन्हें क्या होने वाला है। यह रहस्यमयी पर्वत 400 सालों से लोगों को उनका भविष्य बताते आ रहा है। इसके पीछे कितना सत्य है यह हमे नहीं मालूम है, लेकिन इस बात को कई लोग मानते है और ऐसा करते है।

इस जानकारी को शेयर करने का के मकसद आपको पुरानी मान्यताओं से परिचित कराना था। आज भी देश में कई जगह पर इस तरह की धारणा को माना जाता है। लेकिन हमे किसी भी तरह से लिंग प्रिशक्षण करना कानूनन अपराध है और हमे नहीं करना चहिये। भगवान के द्वारा जो भी संतान दें आपको उसे खुले दिल से अपनाना चाहिए। और लड़का और लड़की में किसी तरह का भेदभाव नहीं करना चाहिए।

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