कभी खाने तक के लिए घर में नहीं होते थे पैसे, मैगी-सेगी खाकर ही भरना पड़ता था पेट, अब आईपीएल में हुई दोनों भाइयो पर पैसे की बरसात

कभी खाने तक के लिए घर में नहीं होते थे पैसे, मैगी-सेगी खाकर ही भरना पड़ता था पेट, अब आईपीएल में हुई दोनों भाइयो पर पैसे की बरसात

भारतीय क्रिकेट के इतिहास में ऐसे कई दिग्गज खिलाडी है, जिन्होंने बेहद मुश्किल वक्त में, बेहद ख़राब आर्थिक स्थति में फर्श से अर्श तक का मुकाम हासिल किया है. उन्ही में से एक टीम इण्डिया के आलराउंडर खिलाडी हार्दिक पांड्या भी है. एक वक्त वो भी था जब घर में खाने के लिए रोटी भी नहीं होती थी, और मैगी-सेगी खाकर ही पेट भरना पड़ता था. लेकिन आज हार्दिक पांड्या अपनी कामयाबी के शिखर पर है.

कहा जाता है किसी भी युवा खिलाडी के लिए टीम इण्डिया में जगह पाना एक सपने को सच करने जैसा काम है, इसके लिए खिलाडियों को कड़ी मेहनत करनी होती है, कई परीक्षणों को पास करना होते है, तब जाकर वो टीम इण्डिया के स्टार खिलाडी बन पाते है. इसी तरह हार्दिक पांड्या ने भी बेहद गरीबी के दिनों में कड़ी मेहनत की और कई परीक्षणों को पास किया, तब जाकर टीम इण्डिया में जगह बना पाए.

साधारण परिवार से आते है दोनों भाई:-

दरअसल, हार्दिक पांड्या और उनके बड़े भाई क्रुनाल पांड्या दोनों ही क्रिकेट के बेहतरीन खिलाडी है, और दोनों ही आईपीएल भी खेलते है. एक बार क्रुनाल पांड्या ने अपने एक इंटरव्यू में बताया था की वो एक साधारण परिवार से आते है. उनके पिता एक पिता जी एक फिनेंसर के तौर पर काम किया करते थे, लेकिन एक दिन साल 2010 में उनके पिता को हार्ट अटैक आ गया जिस वजह अब वो भी काम करने में असमर्थ हो गये.

मैगी खाकर भरते थे पेट:-

इसके बाद परिवार की आर्थिक स्थति इतनी बदत्तर हो गई थी की खाने के लिए पैसे भी नहीं हुआ करते थे, और सिर्फ मेगी खा खाकर पेट भरते थे. इसके अलावा इनके पास खुद का मकान भी नहीं था और किराये पर रहते थे, वही इनके पास क्रिकेट खेलने के लिए अपनी खुद की क्रिकेट किट भी नहीं थी.

क्रुनाल पांड्या बताते है की एक जहा हम रहते थे वह एक गांव था जिसका नाम पालेज था. वहा पर हम दोनों पैसे कमाने के लिए 400- 500 रूपये प्रति मैच के हिसाब से क्रिकेट खेलते थे. क्रुनाल बताते है की हार्दिक पांड्या जूनियर स्तर के क्रिकेट के बेहतरीन प्रदर्शन करते थे, इस वजह से इन्होने अकेले क्लब क्रिकेट में अग्रणी कई मैच जीते, लेकिन इसके बावजूद भी हार्दिक के व्यवहार के कारण राज्य आयु वर्ग से हटा दिया गया था.

क्रुनाल पांड्या अपने इंटरव्यू में कहते है की हार्दिक क्रिकेट खेलने में अच्छे तो थे ही वही पूर्व क्रिकेटर किरन मोरे ने अपनी क्रिकेट अकादमी में 3 साल तक हार्दिक को फ्री ट्रेनिंग दी और उसे एक महान खिलाडी बनाया. इसके बाद साल 2015 में जब हार्दिक पांड्या को 10 लाख में मुंबई इंडियंस ने ख़रीदा तो उनका परिवार बेहद खुश था.

लेकिन अब साल 2022 में आईपीएल के 15 वें सीजन के लिए हार्दिक पांड्या को अहमदाबाद टीम ने 15 करोड़ में ख़रीदा है, और टीम का कप्तान बनाने की घोषणा की है, वही क्रुनाल पांड्या को लखनऊ टीम ने 8.25 करोड़ में अपनी टीम में शामिल किया है.

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