तीन-तीन धर्मों का पवित्र स्थाल और पुराना है यरुशलम का इतिहास, यहीं से हुई थी इस्लाम धर्म की…

तीन-तीन धर्मों का पवित्र स्थाल और पुराना है यरुशलम का इतिहास, यहीं से हुई थी इस्लाम धर्म की…

यरुशलम इन दिनों तनाव का केंद्र बना हुआ है. पिछले कई दिनों से यहां फिलिस्तीन प्रदर्शनकारियों और इस्राइल के सुरक्षा बलों के बीच लगातार टकराव जारी है. सबसे पहले आपको बता दें कि इस्राइल की राजधानी यरुशलम एक नहीं बल्कि तीन-तीन धर्मों का पवित्र स्थल है और इस्राइलियों और फिलिस्तीनियों के बीच यरुशलम को लेकर विवाद भी काफी पुराना है.

बता दें कि इस्राइल और फिलिस्तीन दोनों यरुशलम को अपनी राजधानी होने का दावा करते हैं. इतना ही नहीं यरुशलम एक महत्वपूर्ण पर्यटन स्थल भी है, जहां हर साल दुनियाभर से लाखों लोग घूमने आते हैं. यरुशलम यहूदी धर्म, ईसाई धर्म और इस्लाम धर्म तीनों की ही पवित्र स्थान माना जाता है. इतिहास से मिली जानकारी के मुताबिक यह शहर प्राचीन राज्य का केंद्र और राजधानी रहा है.

इसी जगह यहूदियों का पवित्र सोलोमन मंदिर भी हुआ करता था, जिसे रोमनों ने हमेशा के लिए नष्ट कर दिया था. बाइबिल में भी इसका उल्लेख प्रथम मंदिर के नाम से किया गया है. इतिहास के अनुसार इस मंदिर का निर्माण 10वीं शताब्दी ईसा पूर्व में किया गया था और इससे मंदिर के अवशेष आज भी वहां मौजूद हैं.

ईसाई धर्म के अनुसार यरुशलम ही वो जगह है, जहां पर ईसा मसीह को सूली पर चढ़ाया गया था और यहीं से वो अवतरित भी हुए थे. ईसा मसीह का मकबरा ‘द चर्च ऑफ द होली सेपल्कर’ के भीतर है. दुनियाभर के करोड़ों ईसाइयों के लिए ये धार्मिक आस्था का मुख्य केंद्र माना जाता हैं. हर साल लाखों लोग ईसा मसीह के मकबरे पर आकर प्रार्थना करते हैं.

इस धार्मिक स्थल पर 150 से भी अधिक गिरजाघर और 70 से भी ज्यादा मस्जिदें मौजूद हैं. इन गिरजाघरों और मस्जिदों के अलावा इस शहर में देखने लायक और भी बहुत कुछ है, जैसेः- द इजरायल म्यूजियम, याद भसीम,  नोबेल अभ्यारण, कुव्वत अल सकारा, मुसाला मरवान, सोलोमन टेंपल, वेस्टर्न वॉल, डेबिड्स गुंबद आदि.

आपको बता दें कि यरुशलम में ही प्राचीन अल अक्सा मस्जिद मौजूद है और इसी मस्जिद से इस्लाम धर्म की शुरूआत हुई थी. कहा जाता है कि इसी स्थान से इस्लाम धर्म के पैंगम्बर मुहम्मद स्वर्ग के लिए प्रस्थान किए थे. इस मस्जिद का उल्लेख कुरान शरीफ में भी किया गया है. इस पवित्र स्थल में हर दिन हजारों की संख्या में लोग आते हैं और नमाज पढ़ते हैं.

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